
2025
सर्वेक्षण के नतीजे
केज-फ्री भविष्य की दिशा में एशिया की प्रगति पर नज़र
2025 का Asia Cage-Free Tracker India, Indonesia, Japan, Malaysia और Thailand जैसे पाँच प्रमुख बाज़ारों में 95 कंपनियों का मूल्यांकन करता है। यह दिखाता है कि कॉर्पोरेट सहभागिता तो बढ़ रही है, लेकिन केज-फ्री सोर्सिंग की दिशा में प्रगति अब भी लगातार असमान बनी हुई है। जहाँ एक ओर अधिक कंपनियाँ प्रतिबद्धताएँ कर रही हैं, वहीं दूसरी ओर पूरे क्षेत्र में पारदर्शिता और क्रियान्वयन में निरंतरता की कमी अब भी साफ़ दिखाई देती है।
एक नज़र में प्रमुख नतीजे
95
95 कंपनियों का मूल्यांकन किया गया, जो 2024 की तुलना में 22% की बढ़ोतरी है।
14.7%
14.7% कंपनियाँ 100% केज-फ्री सोर्सिंग हासिल कर चुकी हैं या सही राह पर हैं।
3.2%
3.2% कंपनियाँ मज़बूत क्रियान्वयन दिखाती हैं (70–98.9%)।
13.7%
13.7% कंपनियाँ शुरुआती चरणों में हैं (1–39.9%)।
34.7%
34.7% कंपनियाँ केवल वैश्विक डेटा रिपोर्ट करती हैं, बिना किसी एशिया-विशिष्ट विवरण के।
29.5%
29.5% कंपनियाँ कोई भी रिपोर्टिंग प्रदान नहीं करतीं।
पूरे क्षेत्र में 75% से अधिक कंपनियों ने अपनी समय-सीमाएँ 2025 या उससे पहले तय की हैं, जिससे यह वर्ष जवाबदेही और प्रगति के लिहाज़ से एक निर्णायक मोड़ बन जाता है।
अन्य प्रमुख डेटा
रिपोर्ट में शामिल और संपर्क की गई 95 कंपनियों में से 28 होटल हैं, 37 रेस्टोरेंट, कैफ़े और बेकरी से जुड़ी हैं, 6 कैटरिंग या फ़ूड सर्विसेज़ से संबंधित हैं, 15 मैन्युफैक्चरर्स हैं, 4 सुपरमार्केट्स हैं और 5 ट्रैवल व टूरिज़्म सेक्टर से जुड़ी हैं।

चुनौतियाँ
कंपनियों के केज-फ्री अंडा सोर्सिंग की ओर बदलाव में कई बार समान प्रकार की बाधाएँ सामने आती हैं। इनमें सबसे अधिक उल्लेखित कारण निम्नलि खित हैं:
आर्थिक दबाव: आर्थिक दबाव: वर्तमान सामाजिक, सेक्टोरल और आर्थिक परिस्थितियाँ उत्पादन, ख़रीद और रिटेल सप्लाई चेन पर दबाव डालती हैं, जिससे बदलाव की प्रक्रिया धीमी हो जाती है।
लागत में वृद्धि: लागत में वृद्धि: केज-फ्री अंडों और अन्य प्रणालियों के बीच लागत का अंतर काफ़ी अधिक है, खासकर Ecuador और Uruguay जैसे देशों में, जहाँ यह अंतर और भी स्पष्ट हो जाता है।
भ्रामक या अधूरी जानकारी: भ्रामक या अधूरी जानकारी: कुछ उत्पादक अपने उत्पादन सिस्टम में पशु कल्याण की वास्तविक स्थितियों को लेकर पूरी तरह सटीक या पारदर्शी जानकारी साझा नहीं करते।
प्रोसेस्ड केज-फ्री अंडों का सीमित स्थानीय उत्पादन: प्रोसेस्ड केज-फ्री अंडों का सीमित स्थानीय उत्पादन: कई केज-फ्री उत्पादक मुख्य रूप से शेल एग उत्पादन पर ही ध्यान केंद्रित करते हैं, जिससे प्रोसेस्ड केज-फ्री अंडों की उपलब्धता सीमित रह जाती है।
लिक्विड एग की सीमित ख़रीद: लिक्विड एग जैसे उत्पादों की बड़ी मात्रा में ख़रीद अब भी बहुत कम है, जिससे सप्लाई विकल्प सीमित हो जाते हैं।
प्रोडक्शन चेन की निगरानी में कठिनाई: उत्पादों में सामग्री के स्रोत को लेकर अपेक्षाकृत अधिक स्पष्टता होती है, जबकि स्थानीय उत्पादों के लिए विस्तृत रिपोर्टिंग अनिवार्य नहीं है। इससे केज-फ्री अंडों के उपयोग की पुष्टि करना कठिन हो जाता है।
आउटसोर्स किए गए उत्पादों को लेकर जानकारी की कमी: आउटसोर्स किए गए उत्पादों के स्रोत स्पष्ट न होने के कारण, जो संभवतः बैटरी केज प्रणालियों से आ सकते हैं, मुर्गियों के जीवन पर पड़ने वाले सकारात्मक प्रभाव का सही आकलन करना मुश्किल हो जाता है।